
नाम- डॉ. दीक्षा सिंह
उम्र- 26 वर्ष
जन्मतिथि – 22/09/1994
उपाधि – B.Pt , M. Pt ( OBGYN )
पुत्री – श्रीमान सुघर सिंह एवं श्रीमती कमलेश सिंह
सहोदर- निशा , नेहा व सनी ( कुं. वीर विक्रम सिंह )
किताब- lt’s all about pregnancy
उपलब्धता- http://www.harmonalwings.com
संस्थापक- Harmonal wings , Perfect10
Maternity Rehab & PT Clinic
दादा- दादी- श्री रामफल एवं श्रीमती महादेवी
नाना- नानी- श्री हरचरन एवं श्रीमती रामश्री मैं डॉक्टर दीक्षा सिंह आप लोगों के समक्ष अपनी जीवन यात्रा की कुछ झलकियां बयां कर रही हूं।

यह ब्लॉग पिछले कुछ सालों में मेरे जीवन में हुए अमूल चूक परिवर्तन के बारे में है। जब मैंने एक मेट्रो शहरी जीवनशैली को छोड़ उत्तर प्रदेश के एक जनपद कानपुर में अपनी नई जीवन यात्रा को ज्ञान और शांति के साथ अपने सभी दिली इच्छाओं को सहेजे हुए आरंभ किया।
यह वक्त मेरे लिए काफी चुनौतीपूर्ण और मुश्किलों भरा था लेकिन इसके साथ ही यह हर तरीके से मेरे जीवन के लिए चमत्कारिक एवं प्रेरणा दाई भी था। उन दिनों में मैंने जीवन से बहुत कुछ सीखा। जब मैं अपने घर कानपुर आई तब मेरे पास ना पैसा था ना नौकरी थी और ना ही कोई भविष्य के लिए योजना ही थी। उस समय मैं किंकर्तव्यविमूढ़ थी परंतु उस दिन मैंने असल मायने में जिंदगी को जीना शुरू किया था।
मैंने सूक्ष्म और स्थूल चीजों का अवलोकन कर उनकी महत्ता को समझना प्रारंभ किया। जो कि मेरे पूर्व जीवन शैली के शहरी वातावरण में रहते संभव नहीं था। मैंने जाना कि सुख क्या होता है। यह वही समझ सकता है जिसने कभी दुख का अनुभव किया हो।








मेरे पास उन शुरुआती दिनों में मेरे सपनों और उम्मीदों के अलावा कुछ भी नहीं था। और आज मैंने अपने सपनों को साकार किया है। प्रतिदिन मैं परमेश्वर के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करती हूं कि आज मैं अपने सुंदर छोटे स्वर्ग से घर में अपने प्रिय/स्नेही स्वजनों के साथ रहते हुए अपने दिली कार्य को आगे बढ़ा रही हूं।
इस ब्लॉग में मैं आपको उन दिनों की झलकियां दिखाऊंगी। मैं अपने साथ घटित हुए हर एक वाक्ए/घटना को शायद इसमें जगह न दे पाऊं क्योंकि यह एक लंबी कहानी है परंतु कमोवेश आपको मेरी पूरी कहानी का अंदाजा लग जाएगा उम्मीद करती हूं कि आपको मेरी यह कहानी पसंद आएगी।
मेरा नाम डॉ. दीक्षा सिंह है मैं एक OBGYN PT और साथ में एक लेखक, ब्लॉगर, वक्ता , यूट्यूबर तथा हार्मोनल विंग्स की संस्थापक हूं। यहां मैं आपको अपनी जीवन यात्रा की कहानी बताने जा रही हूं।
बात 2016 की है जब मैंने अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण फैसला लिया। और मैं शहर छोड़ कर अपने गृह जनपद कानपुर आ गई। मैंने सिर्फ अपना घर ही नहीं बदला बल्कि अपनी जीवनशैली ही बदल डाली। मैंने महसूस किया कि मेरा दिल किसी और चीज के लिए धड़कता है। और मैं अपने पुश्तैनी शहर जहां से पीढ़ी दर पीढ़ी मेरी जड़े जुड़ी थी वहां वापस आ गई। जब मैं यहां आई उस वक्त मेरे पास ना पैसा था ना नौकरी थी ना ही भविष्य के लिए कोई योजना थी। बस दिल में एक सपना था कि मुझे डिफेंस में जाना है। मैं कुछ जीविका उपार्जित करना चाहती थी जिससे कि मैं अपने सपनों को साकार कर सकूं और मैं अपने घर में रह सकूं। वह पहला साल बहुत ही मुश्किलों भरा था। पैसे की चिंता निरंतर बनी रही लेकिन उन्हीं दिनों में मैंने अपने लक्ष्य को भी समझा। जब मैं भोपाल में SSB कर रही थी तभी मैंने महसूस किया कि मैं महिलाओं की मदद एवं उनके दर्द को दूर करने के लिए ही पैदा हुई हूं। एक समय ऐसा भी आया जब मुझे निरंतर परीक्षाओं के दौर से गुजरना पड़ा। उस वक्त मैंने अपनी पूरी जमा पूंजी को लगाकर “Women’s health rehab clinic” खोला और ब्लॉग लिखना भी शुरू किया जिससे मैं जीवन के उन एहसासों को बांट सकूं और पढ़ाई व फिजियोथैरेपी के प्रति अपने प्यार को शब्दों में बयां कर सकूं। उन्हीं दिनों मैंने अपनी किताब भी पूरी की बाद में इस किताब का नाम “It’s all about pregnancy” रखा। जो कि अब 7 सालों बाद Amazon पर उपलब्ध है उसी वर्ष मैंने OBGYN PT की इंटरनेशनल लाइसेंस की परीक्षा पास की और SSB भी उत्तीर्ण किया। मेरे पैरंट्स मेरे बेस्ट फ्रेंड बन गए। मैंने अपने कार्य को इतना आत्मसात कर लिया कि मुझे एक अलग ही अनुभूति हुई।





























मेरी तीव्र इच्छा हुई कि मैं कुछ नया करु। यह मेरा बहुत बड़ा शौक भी है कि लगातार मैं कुछ नया करती रहूं और मुझे महसूस हुआ कि मैं अपने OBGYN PT के कौशल से लोगो को लाभ पहुंचा सकती हूं और मैंने ऐसा ही किया तब से 6 वर्ष हो चुके हैं और मैं यही अपने घर में अपने परिवार के साथ रहती हूं परंतु बीते वर्ष 2020 में मैंने अपने प्यारे पापा को खो दिया।
मैं अपने घर से ही अपने व्यवसाय “हार्मोनल विंग्स” को भी चलाती हूं जिसमें मेरे माता पिता प्रशासक के तौर पर कार्यरत हैं। मैं अपनी दिनचर्या OPD , अनुसंधान, टेलीहेल्थ, पठन-पाठन और यूट्यूब के लिए सामग्री तैयार करते हुए बिताती हूं। मैं अपने सोशल मीडिया चैनल पर प्रत्येक सप्ताह अनेक लोगों के मंतव्य एवं वक्तव्य पढ़ती रहती हूं। मैं अपने दोस्तों, परिवार और अनुज के साथ मिलकर कार्य करती हूं। अभी-अभी ही उसने मेरी एक पुस्तक भी प्रकाशित की है। अभी भी मैं अपने क्लीनिक तथा दिली कार्य हार्मोनल विंग्स को आगे बढ़ा रही हूं। मेरी दिली इच्छा यह है कि मैं इस संसार को और फिजियोथैरेपी को कुछ बेहतर उपहार प्रदान करूं। कुछ ऐसा जो कि हमारी बाधाओं को तोड़ते हुए हमारी आत्मा को छू ले जिससे एक महिला को उसके दर्द से मुक्ति मिल सके।
इस कार्य में मेरी किताब “It’s all about pregnancy” काफी मददगार साबित होगी जो कि अब अमेज़न पर उपलब्ध है। यह पुस्तक 21 अप्रैल 2020 को पूर्ण हुई। यह इन 7 वर्षों में मेरे लिए एक सुखद अनुभूति के साथ साथ एक चमत्कारिक पल भी था। मैंने इन दिनों में काफी कुछ नया सीखा और मेरे अनुसंधान मेरे कार्य समय समय पर प्रकाशित भी होते रहे।
मैं अपने जीवन में उन सभी छोटे-बड़े एहसासों, अनुभूतियों के प्रति कृतज्ञ हूं। जिनके कारण मैं इस मुकाम पर पहुंची हूं और यह केवल हम और हमारी आत्मशक्ति है जो हमारी सीमा को बनाती है कि हम क्या कर सकते हैं और क्या नहीं और यह भी कि हम धैर्य रखें। और कभी भी हार ना मानने और कभी भी हार से घबराए नहीं जिसके उपरांत आप कुछ भी प्राप्त कर सकते हैं । जो भी आप सोचे।














पढ़ने के लिए सहृदय धन्यवाद!






